अंतरिक्ष में होने वाली है कई कमाल की खगोलीय घटनाएँ (astronomical events in 2024)

अगर अंतरिक्ष में होने वाले खगोलीय घटनाएं आपको आकर्षित करती है तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है।

इस आर्टिकल (article) में साल 2024 में होने वाले खगोलीय घटनाएं  जैसे ग्रहण (Eclipse), उल्कापात (Meteor Shower), उत्तरी रोशनी (Northern Lights), पूर्णिमा (Full Moon) सूचीबद्ध किया गया है।

इस वर्ष आकाश पर नजर रखने वालों को पूर्ण सूर्य ग्रहण, दो चंद्र ग्रहण और एक दर्जन उल्कापात देखने को मिलेंगे।

साल 2024 में होने वाले उल्का बौछार (meteor shower) की सूची

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उल्का बौछार (meteor shower) क्या होता है?

जैसे ही कोई धूमकेतु सूर्य के करीब जाता है, वह गर्म हो जाता है और धूमकेतु का कुछ भाग वाष्पीकृत हो जाता है। धूमकेतु द्वारा सूर्य की कई बार परिक्रमा करने के बाद, धूमकेतु के बहुत सारे छोटे-छोटे टुकड़े धूमकेतु के पथ पर छूट जाते हैं। उल्कापात तब होता है जब पृथ्वी किसी धूमकेतु के रास्ते से गुजरती है। जब ऐसा होता है, तो धूमकेतु के मलबे के टुकड़े, जो रेत के एक कण से बड़े नहीं होते, रात के आकाश में प्रकाश की धारियाँ बनाते हैं क्योंकि वे पृथ्वी के वायुमंडल में जल जाते हैं।

पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले मलबे के टुकड़ों को उल्का कहा जाता है। किसी भी रात, कई छोटे उल्कापिंड आकाश में चमकते हैं। हालाँकि, उल्कापात के दौरान, प्रत्येक घंटे दसियों से सैकड़ों उल्काएँ देखी जा सकती हैं। इनमें से कई उल्कापातों की भविष्यवाणी की जा सकती है और वे हर साल एक ही समय पर घटित होती हैं।

नासा के अनुसार  उल्कापात की स्पीड 35 किलोमीटर प्रति सेकंड तक हो सकती है।

3-4 जनवरी

चतुष्कोणीय उल्कापात (Quadrantid meteor shower) जब अपने चरम पर होता है तो उसमें प्रति घंटे औसतन 25 उल्कापात  होते हैं. यह बौछार थोड़े समय के लिए होती है और लगभग आधी रात से सुबह तक चलती है।

 

अप्रैल 21-22: लिरिड उल्का बौछार (Lyrid meteor shower)

इस बौछार में प्रति घंटे औसतन 10 उल्काएं होती है. यह बौछार उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) और दक्षिणी गोलार्ध(Southern Hemisphere) दोनों से दिखाई देती है लेकिन उत्तरी गोलार्ध में ज्यादा दिखाई देती है।

 

4-5 मई: एटा एक्वेरिड उल्कापात (Eta Aquariid meteor shower)

यह उल्कापात दक्षिणी गोलार्ध में बड़ा होता है जहां आकाश में उल्कापात की चमक अधिक होती है।

 

29-30 जुलाई: डेल्टा एक्वारिड उल्का बौछार (Delta Aquariid meteor shower)

यह बौछार आमतौर पर प्रति घंटे 10 से 20 उल्काओं के बीच उत्पन्न होती है।

 

11-13 अगस्त: पर्सीड उल्कापात (Perseid meteor shower)

यह बौछार जब अपने चरम पर होता है तब इसमें 50 से अधिक उल्काएं होती हैं।

 

अक्टूबर 8-9: ड्रेकोनिड्स उल्कापात (Draconids meteor shower)

यह उल्कापात के मौसम की शुरुआत है। इस उल्कापात के बाद दिसंबर के अंत तक हर एक से दो सप्ताह में एक बौछार होती है।

 

अक्टूबर 21-22: ओरियोनिड उल्कापात (Orionid meteor shower)

इस उल्कापात में कुछ सबसे चमकीले और सबसे तेज़ चमकते तारे दिखाई देते हैं.

 

8-9 नवंबर: टॉरिड उल्का बौछार (Taurid meteor shower)

यह बौछार एक कमज़ोर बौछार है जिसमें हर रात केवल कुछ ही उल्काएँ देखी जाती हैं।

 

17-18 नवंबर: लियोनिद उल्का बौछार (Leonid meteor shower)

इस बौछार में आम तौर पर प्रति घंटे 10 से 15 शूटिंग शुरू होती है, कभी यह उसका तूफान में बदल जाता है जिससे हजारों उल्काएं आकाश में  चमकती है।

 

13-14 दिसंबर: जेमिनीड उल्का बौछार (Geminid meteor shower)

यह साल की सबसे बड़ी उसका बौछार है यह अपने चरम पर प्रति घंटे 75 उल्काएं पैदा कर सकती है।

 

21-22 दिसंबर: उर्सिड उल्कापात (Ursid meteor shower)

यह उल्कापात उत्तरी गोलार्ध में दिखाई देता है।

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साल 2024 में होने वाले सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की सूची

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ग्रहण के समय सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक लाइन में होते हैं।

सूर्य ग्रहण के समय, चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है हम सूर्य को नहीं देख पाते हैं। चंद्र ग्रहण के समय हमारी पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के बीच में होती है जिससे सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है।

25 मार्च

इस दिन उपच्छाया चंद्र ग्रहण(Penumbral Lunar Eclipse) होगा जिसे उत्तरी अमेरिका से देखा जा सकता है।

 

8 अप्रैल

पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. इस ग्रहण के समय आकाश में अंधेरा छा जाएगा. इस ग्रहण को दक्षिण पश्चिम अमेरिका से लेकर मध्य और उत्तर पूर्वी राज्य तक देखा जा सकता है।

 

17 सितंबर

इस दिन उपच्छाया चंद्र ग्रहण(Penumbral Lunar Eclipse) होगा जिसे उत्तरी अमेरिका से देखा जा सकता है।

 

साल 2024 में होने वाले पूर्णिमा की सूची

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  • 25 जनवरी: वुल्फ मून (Wolf Moon)
  • 24 फरवरी: स्नो मून (Snow Moon)
  • 25 मार्च: कृमि चंद्रमा (Worm Moon)
  • 23 अप्रैल: गुलाबी चंद्रमा (Pink Moon)
  • 23 मई: पुष्प चंद्रमा (Flower Moon)
  • 21 जून: बक मून (Buck Moon)
  • 19 अगस्त: स्टर्जन मून (Sturgeon Moon)
  • 17 सितंबर: हार्वेस्ट मून (Harvest Moon)
  • 17 अक्टूबर: हंटर का चंद्रमा (Hunter’s Moon)
  • 15 नवंबर: बीवर मून (Beaver Moon)
  • 15 दिसंबर: ठंडा चंद्रमा (Cold Moon)

 

नॉर्दर्न लाइट्स (Northern light), जिन्हें ऑरोरा बोरेलिस के नाम से भी जाना जाता है, यह सूर्य कैसे की सतह पर मौजूद चुंबकीय क्षेत्र में बदलाव की वजह से होता है।

northern light

सौर चक्र एक ऐसा चक्र है जिससे सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र लगभग हर 11 वर्ष में गुजरता है। हम वर्तमान में एक ऐसे ही सौर चक्र में हैं जो 2019 में शुरू हुआ था। इसलिए अगले आने वाले 5 सालों में नॉर्दर्न लाइट्स दिखने की संभावना है लेकिन यह बताना मुश्किल है कि वह कब दिखेगी।